आचार्य चाणक्य की ये 5 बातें जान गए तो कोई तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
दोस्तो हम आपका स्वागत करते है। जानिए दोस्तो चाणक्य की वो पाँच बाते जो आपका जीवन बदल सकती है। दोस्तो हर मनुष्य चाहता है है उसका जीवन एकदम सुखमय ओर आरामदायक अपना जीवन चाहता है। ओर कुस लोग एसा भी जीवन जीना चाहते है के वो एक राजा की जिसको न धन की कमी वो या नाही अपनी मिलकत की कमी न हो ओर उसे हर तरह प्रकारकी सफलता प्राप्त हो। धन, वैभव ओर एश्वर्य कोई प्रकार की कमी न हो। दोस्तो कुस अलग हि प्रकार का जीवन जीना चाहते है जो उसे हर प्रकार की मूश्केली ना आये ओर महेनत न करनी पड़े इन सभी प्रकार का जीवन जीना चाहते हो। लेकिन मित्रो हम जाने अंजानेंमे हम काही भूल करकर हम बैठ जाते है। जिनसे भी हमारी किस्मत भी हमे रूठ जाती है। तो दोस्तो आज हम ये जानेने की कोशिश करंगे की महान आचार्य चाणक्य ने एसी कोनसी पाँच बताई है जिंनाका हम पालन करने से हमारा जीवन पूरी तरह से बदल सकता है।
आचार्य चाणक्य की कौनसी पाँच बातों को ध्यानमे लेनी चाहिए।
मित्रो महान आचरी चाणक्य के बारेमे कौन नहि जानता है। जिनकी बाते चन्द्रगुप्त मोर्यकाल मे इनकी बाते प्रासेगेंकी थी ओर उतनी आजभी प्राचीलित है। अर्थशास्त्र पर लिखी गई उनकी किताबे ओर या फिर कुटिनीति पर उनका ज्ञान। उनकी एक एक बात पर मनुष्य को सही जीवन जीने का तरीका सिखाती है। सबसे पहले जो बात आचार्य चाणक्य ने बताई है ये बात की….
1. मूर्ख लोगो से विवाद मे न पड़े।
यदि आप मूर्ख लोगो से विवाद मे न पड़ेते है तो आप भी मूर्ख बन जाते है। जो मनुष्य मूर्ख की बाते मे पड़ते है वो भी मूर्ख नहीं होता है बल्कि एक ज्ञानी मनुष्य भी हो सकता है। वैसे ही आपने ये कहावत सुनी ही होंगी तो ” मूर्खो से बता करने का मतलब जैसे दीवाल पर सिर मारने जैसा होता है। ” जिससे आपके सिर मे आपको दर्द होने लगता है। तो अगर आपको जिंदंगी मे आपको आगे बढ़ना है तो आपके मनामे पूरी तरह से आपको ये मानकर आपको चलना होंगा की अपने जीवनमे आप कोई भी दोस्त या मित्र आप बनाते है तो आप घर परिवार या आपके आदपदोष मे कोई मूर्ख व्यक्ति हो उससे आप जितना बने इतना आप उनसे आप दूरी बनाकर आप रखिए। यदि आप मूर्ख के साथ अपना समय बरबाद करते है तो आप भी उन जैसा मूर्ख कहलाते है।
2. अपनी कमजोरी किसी को न बताए।
जाहे अपनी कमजोरी किसी भी प्रकार भी वो उसे हमे दूसरों को नहीं बतानी चाहिए। कमजोरी का अर्थ ये भी है की आप आर्थिक दौर आप कितने संपन्न है। ये बात भी सामाजिक दौर पर आपकी क्या हैसियत है। या फिर भावात्मक दौर पर आप अंदर से आप कितने मजबूत हो। ये कुल मिलाकर आर्थिक, सामाजिक ओर भावनात्मक ये तीन प्रकार की कमजोरी आपको किसिभि कों ये तीन कमजोरी नहीं बतानी चाहिए। यहा ये बात अपनी पत्नी हो या फिर घरवाले हो या कोई आपका गहरा कोई मित्रा हो तो भी ये तीन बात आपको नहीं बतानी चाहिए। क्यू की आचार्य चाणक्य ने इनके पीछे जो वजह बताई है वो काफी रोचकदार है। धरलसे ये बात है की जब मनुष्य दुनियामे अकेला आया है ओर अकेला ही इस दुनिया से जाना है। एसेभी मुसीबत के समय पर आज आपका मित्र शत्रु बन जाता है तो आपकी ये कमजोरी का वो फ़ायदा उठा सकता है। इस बात को आप रावण ओर विभीषण के उदारण से भी आप समज सके हो। जैसी ही विभीषण ने भगवान राम को ये बात बताई की रावण की नाभि अर्मुत का घड़ा है। जिसके बाद भगवान रामने रावण की नाभि मे तीर मारकर उसका वध करा दिया था। एसेमे आप अपनी कमजोरी किसी को आप बतानेमे आप कभी भूल ना करे। इससे आपके जीवनमे आगे बढ़ने पर आपको किसिभी प्रकार का आपको भाय नहीं रहेंगा।
3. धन सोच समजकर आप खर्च करे।
आचार्य चाणक्य जो ये महत्वपूरब बात बताई गई है की आप धन का आप सोच समजकर आप खर्च करे। यदि आप धन खर्च करने मे आप कंजूसी करे ओर अपनी जरूरत का पा सामान भी नहीं खरीद सकते हो। बल्कि इसका मतलब होता है की आप धन की बिना कोई परवा कोई परवा से आप धन का इस्तमाल कर सकते है। अगर आपको लगता है, आप कोई चिंज आप अपने शोक के लिए आप खरीद सकते है जिसके कारण आप अपने भविष्य पर बड़ाही असर पड़ता है तो उसे ना खरीदने मे ही भलाई है। माना की आप आपने शोक खातिर आप बहुत सारा धन कमाने की आप कोशिश जरूर कर सकते है। इससे भविष्य मे आनेवाली किसभी संकट या मूश्केली मे आप आर्थिक दौर आप तभी सम्पन्न होंगे ओर सतही आपकी इच्छा भी आपकी पूरी होंगी। वरना दोस्तो काही एसे लोग होते है की अपने घर बनाने के लिए एक एक पाई जोड़ते है ओर किसी वजह से उसका घर का नुकशान हो जाता है, ओर उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है। तो ये लोग फिर से वाहा पुहंच जाते है की उसने जिंदंगी जहा से शरू की थी। इसलिए आप दोस्तो आप एसी भूल ना करे ओर भविष्य के लिए आप तभी खर्च करे तब आपको बहुत जरूरत पड़ती हो। मानकी आपके पास बहुत सारा धन है तो आप उसे अच्छे कार्यो मे आप लगा सकते हो जिससे आपको पुण्य काम हो जाएंगा।
4. सभी लोगो पर आप विश्वास ना करे।
मानकी दोस्तो विश्वास ओर अंधविश्वास मे बहुत बड़ा अंतर होता है। इसलिए जो चाणक्य के अनुसार जो विश्वास पर जो बात की है वो एक अंधविश्वास पर जुड़ी हुई है। जैसे कोई राजा अगर अपने राजकारण को छोड़कर एशोआराम मे ही विचिलित रहता है ओर अपने मंत्री पर उसको पूरा विश्वास करता है तो उसका मंत्री किसिभी प्रकार की परेशानी मे दल सकता है। जहा तक मैंने सुना है की जो राजा के हाथमे उनका राजी भी निकाल सकता है। माना की राजा का मंत्री पर विश्वास करना इसलिए जरूरी है की क्यूकी राजा अपना सारा कार्य खुद नहि कर सकता है। इसलिए दोस्तो आपको आज के जमानेमे आपको विश्वास करना भी जरूरी है ,लेकिन एक अंधाविश्वास गलत हे क्यूकी वो आपकी जिंदगी को भी बिगड़ सकता है। मानकी विश्वास अपने परिवार को मजबूत बनाता है। हर प्रकार का संतुलन करना है तो हमे किसी भी व्यक्ति पर तो हमे विश्वास करना चाहिए।
5. अगर आपको जीवनमे सफलता प्राप्त करनी है तो आपको लगाव से दूर रहे।
आचार्य चाणक्य स्त्री क सफलता मे बड़ी बांधा मानते है। आज के युग मे देखा जाये तो कम उम्र मे ही सब प्रेम के रास्ते चल रहे होते है। तब मित्रता से ही शरू हुई बात को लेकर आप उसको प्रेम मे बदल सकते है। ये बात आपको जीवनमे सफल न होने का कारण बन जाता है। मानकी आपको किसी वजह से आपको अपने परिवार को छोड़ना पड़े तो आपको बहुत लव होने के कारण आप नहीं छोड़ सकते है। क्यूकी आप एसा करते हो तो आपके समाज ओर ये बात राज्य के बिचमे ये बात होंगी। इसलिए राष्ट्रकी भावना को ध्यानेमे रखते हुहे मनुष्य को इस चाणक्य के अनुसार ये पाँच बातों का ग्रहण करना चाहिए। जिससे आपका जीवनभी बदल सकता है ओर आप नैतिक दौर पर ही आप मजबूत होंगे।
