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जो पत्नी को मारता है, उसके साथ मृत्यु के बाद क्या होता है ?

 जो पत्नी को मारता है, उसके साथ मृत्यु के बाद क्या होता है ?

 


नमस्कार दोस्त हम आपका स्वागत करते है। मित्रो हमारे धर्म शास्त्र मे कहा गया है की …..” यत्र नार्यस्तु पुंज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता: ” अर्थात जिस घरमे नारी यानि की स्त्री की पुंजा की जाती है वही पर दैवी देवता निवास करते है। लेकिन इस कलियुग मे जैसे जैसे लोग धर्म शास्त्रो से दूर रहते जा रहे है वैसे वैसे वही लोग स्त्री की इज्जत करना भी भूल जाते है। वैसे तो मनुष्य को चाहिए की हर स्त्री की इज्जत करे ओर हर स्त्री का सन्मान करना चाहिए। लेकिन आज के इस युगमे दूसरे की महिलाओ को छोड़ो पर खुद की पत्नी की इज्जत बही करता है। इस युग कुस लोग वैसे हाओ जो बात बात पर अपनी पत्नी को मानसिक ओर शारीरक रूप से प्रतावित करते है। ओर सबसे बड़ी ये विनम्रता है की शिक्षित होने के बाद भी  आज की अधिकता स्त्रीया अपनी पति के मार ओर उसकी बाते सहन करती है। माना की जो स्त्रीया इस बात को लेकर पोलिस पर शिकायत करते है तब देश के कानून से हिसाबों से लेकर पुरुषो को सजा मिल जाती है। लेकिन दोस्तो हिन्दू धर्म शास्त्र अनुसार उसमे गरुड पुराण मे बताया है की इस तरह के कृत्यों के लिए नरक मे सजा मिलने वाली सजा को यहा पर विस्तार से बताया गया है। जिनके बारेमे कोई पुरुष जाने तो भूलकर भी अपनी पत्नी या फिर दूसरे की पत्नी पर ये पाप या प्रतावित ओर शारीरक ओर मानसिक रूप से वह हैरान नहीं कर पायेंगा। तो मित्रो आज की इस गरुड पुराण की  बात को बताने वाले है की जो पुरुष अपनी पत्नी मानसिक रूप से या शारीरक रूप से हैरान करता है तो उसे मुर्त्यू के बाद कौन से कौन से कष्ट भुगतने पड़ते है। 

पत्नी को मारने के बाद उसे किस प्रकार की सजा मिलती है ?

मित्रो गरुड पुराण अनुसार पक्षीराज भगवान श्री कृष्ण को पूछते है की है नारायण आपने ये तो बताया की मनुष्य कौनसे पाप के लिए कौनसी सजा मिलती है। परंतु आप कृपा करते आप ये तो बताए की कलियुग की इस युग मे जिस पुरुष अपनी पत्नी को शारीरिक ओर मानसिक रूप से अपनी पत्नी को हैरान करता है तो ओर उसकी हत्या करा देता ह है तो ऐसे पुरुषो को मुर्त्यू के बाद किस प्रकार की सजा मिलती है। पक्षीरज गरुड की बाते सुनकर भगवान श्री कृष्ण ने कहा की है पक्षीराज गरुड आपने कलियुग की इस भलीभाली प्रकृति आपने समजा है। कलियुग मे आपने जैसा कहा है वैसा ही होंगा। अर्थात इस कलियुग मे इस युग मे जो पुरुष अपनी को पत्नी को संपाती की तरह मानने लगाता है। कलियुग के इस पुरुष की इच्छा होंगी तो भले ही वो कितनी स्त्रियो के साथ संबंध बांधे लेकिन उसकी पत्नी हमेशा के लिए वह वफादार बने रहे। है पक्षीराज कलियुग की सबसे बड़ी ये विनम्रता होंगी की वह घर की बाहर महिलाओ को पुरुष बाहर लाने के लिए उसको पुरुष के साथ सरखमनी करता है। लेकिन जब खुद की पत्नी अपना हक मानेने लगती है तो वह शारीरक ओर मानसिक रूप से वह उस स्त्री को हैरान ओर प्रतावित करने लगते है। ज्ञानीसे ज्ञानी अपनी पत्नी को दहेज के लिए प्रतावित करने लगता है। पर आज के युग मे कोईभि स्त्री पुरुष को बाते कर वह कोईभि पुरुश अपनी पत्नी को शक की नजरो से देखता रहता है। आज के युग कुस पुरुष तो ऐसे होंगे की जो अपनी  पत्नीका बलत्कार ओर यहा तक की बह अपनी पत्नी की हत्या करने से नहीं हटेंगा। आज का मनुष्य ये भी नहीं जान पाएंगा की वह जीते जीते जो अपनी पत्नी के साथ वह जो कृत्य करता है वह मुर्त्यू के बाद वह कई जन्मो के साथ वह इन कर्मो का फल उसे भुगतना पड़ता है।

जब श्री कृष्ण गरुड को बताते है कोई पुरुष द्रेश ओर ईर्ष्या के कारण, या फिर दहेज न मिलने कारण, पुत्रकी प्राप्ति न होने कारण वह अपनी पत्नी को छोड़ देता है तब उस मनुष्य कई जन्मो तक उसे चक्रवात पक्षी बनाकर उसे रहना पड़ता है। इसके आलवा जो पुरुष अपनी पत्नी के साथ तबकत रहता है तबतक उसके पास संपती हो ओर बहुत सारा धन हो इसलिए पुरुष रहता है तो एसे पुरुषो के साथ तमिश्रम नामक नर्क की सजा भुगतने पड़ती है। नरक के इस हिच्चे पुरुषो को लोहे की पट्टी ओर मुगधरों के साथ तबतक पिटाई कर जाती है तबतक उनके मुख ओर लिंग से लोही निकाल नहीं आता है तबतक उसे पीटता है ओर बेहोश न हो जाये तबतक पीट जाता है। इसके अलावा जो भी पुरुष अपनी पति का होने का दरर्जा ठीक तरह से नहीं निभाता है तो उसे मुर्त्यू के बाद उसे नरक मे असीतापत्रम नाम की सजा भुगतनी पड़ती है। नरक के इस हिच्चे मे पापियो को तिरदार धार वाली चाकू से उसे खूँदता है तबतक खूँदता है तबतक उनके शरीर मे खून नहीं निकाल आता है। जो पुरुष अपनी पत्नी को धौखा देकर चला जाता है ओर किसी ओर की साथ वह विवाह कर लेता है तो उसे मुर्त्यू के बाद वह सलमालिक की सजा जिसमे उनके अंगो पर जलता हुआ गरम लोहा उसके ऊपर डालता है। जिसके बाद उसे यमदूत उसे बुरी तरह से पीटते है। इसके आलवा जो पुरुष शादी का वचन देकर वह उनके साथ संभोग करता है उससे फिर शादी नही करता है तो उसे मुर्त्यू के बाद नर्क मे यमदूतो का मलमूत्रों के एक तलाव मे दल दिया जाता है। इतना भी नही उसे गरम पानीमे डालकर उसको पानी मे सजा मिल जाती है। 

जो पुरुष अपनी पत्नी को अपमानित करता है या फिर उसका सदौपयोग करता है उसे मुर्त्यू के बाद उसे यमदूत द्वरा उसे कालसूत्रम नरक की सजा दे जाती है। जिसके बाद उस पुरुष गरम ओर तप्ति जमीन पर उसे लेटकर उसको घिसाकर ओर दौड़ाया जाता है। ऐसे पुरुष के साथ वही सुलुप किया जाता है की उसे जीते हुई अपनी पत्नी साथ किया था उसका अनुभव नर्क मे दे जाता है। इतनाही नहीं जो पुरुष अपनी पत्नी साथ व्यभिसार अर्थात उसका बलत्कार करता है ओर प्रकर्ति के अपना स्त्री के साथ संबंध बनाता है तो उसे मुर्त्यू के बाद ऐसे लोगो के जंदाल को काट दिया जाता है ओर उस स्थान पर लोहे की गदा को लेकर वही स्थान पर लगाया जाता है। साथ ही जो पुरुष अपनी पत्नी के साथ संभोग करते समय वह जानवरो की तरह व्यहार करता है ऐसे पुरुषो को मृत्यु के बाद उसे मूत्रबलगम ओर जहरीले कीड़े ओर पशु पक्षी के बीच उसे सजा दे जाती है। इतना नहीं जो पुरुष अपनि के साथ सबंध बनाते समय वह उस पर अत्यासार करे या फिर उसे सबंध बनाने के लिए उसे मजबूर करे तो उसे मुर्त्यू के बाद उसे विवेकी नदी मे फैक दिया जाता है। जहा अपनी भूख मिटाने के लिए विविध तरह के विहिका का सेवन करना पड़ता है। इसके साथ ही दोस्तो जो पुरुष अपने भोजनेमे विश का जहर मिलकर स्त्री को मर दिया जाता है उस जसे पुरुष को उसे मुर्त्यू के बाद उसे हजारो कुत्ते के साथ उसे कटवाया जाता है। 

हम आपसे उम्मीद करते है की आप स्त्रीके साथ आप घिनोनी हरकत ना करे आप स्त्री का सन्मान करे ओर उसका आदर ओर उसकी इज्जत करना सीखे आप बस इतनाही इस गरुड पुराण की बातों का यहा पर उल्लेख किया गया है।  

                                                     

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