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ऐसी 4 लड़कियों से विवाह करने से अच्छा है आप उम्र भर कुंवारे रहें !

ऐसी 4 लड़कियों से विवाह करने से अच्छा है आप उम्र भर कुंवारे रहें !


 मित्रो हम आपका स्वागत करते है। मित्रो आप जानते है की हिन्दू धर्म मे 16 संस्कारो मे से एक वह एक संस्कार है जिसे धूमधाम करने की इच्छा हर कोई रखता है। हर व्यक्ति एसे जीवनसाथी की तलाश करता है जिसके साथ अपना पूरा जीवन सुख, दुख ओर आराम से ओर प्रेम के साथ अपना जीवनसाथी के बिता सके। यदि मित्रों हमरा जीवन साथी ठीक तरह चे चल नहीं पाता है ओर आपको जीवनमे जगड़ालू ओर जीवनसाथी आप एकदम से सायन नहीं किया जाये तो ये आपके जीवनकी बरबादी ओर दुख कारण आप बंसकते है क्योकि आपके जीवनसाथी ठीक तरह से आपके साथ पल नहि गुज़ारना चाहता है तो आपका जीवन एकदम नष्ट ओर दुखदायक आपका जीवन बन सकता है। जिस कारण हमारे पुराणों मे एसी कई बातों का उल्लेख किया गया है जिनका हमे ख्याल भि नहीं होता है। इसलिए दोस्तो आप अपना जीवन सुखमय ओर आरामदायक ओर प्रेम से गुजारना चाहते है तो आप पुराणों मे नियमो का पालन करके आप अपने जीवनसाथी के लिए आप अपना सच्चा ओर सही जीवनसाथी का आप सुनाव कर सकते है। 

ऐसी 4 लड़कियों से विवाह आप भूलकर भी ना करे। 

इसलिए मित्रो हम लेकर आये है की विष्णुपुराण मे आने वाले चार एसे स्त्रियो के बारेमे हम आपको बताएँगे की जिनसे आपको भूलकर भि आपको शादी नाहीकरणी चाहिए। तो आखिर कौन है एसी स्त्रीया जो अपने जीवनसाथी के आठ एक अच्छी पत्नीकी तरह नहीं बन सकती है तो आइये दोस्तो हम मिलकर जानते है। 

1. समान गौत्र वाली स्त्री से बिलकुल ही विवाह न करे।  

चाणक्य के अनुसार चाणक्य कहते है की हिन्दू धर्म मे समान गोत्र करने वाली को स्त्रीकों विवाह आपको कदी शादी  नहीं करनी चाहिए ओर हिन्दू धर्म मे एसी स्त्रीकों वर्जित माना गया है। ओर यही कारण है जो की विवाह से पहले स्त्री ओर पुरुष के गोत्र मिलाना चाहिए ओर उसे की साथ स्त्री ओर पुरुष के मातापिता का भी गोत्र देखना चाहिए ओर साथीही आपको पुरुष ओर दादी के गोत्र भी देखना चाहिए। क्यूकी ये सभी गोत्र अलग होने ही से पता चलता है की इस दोनों का विवाह को आगे बढ़ाया जाता है। जो लोग ये बात नहीं जानते है की उनकी जानकारी लिए बता दु की हमरे शास्त्रो के अनुसार दधीश्री विश्वामित्र, जमदर्शी, भरद्राज ओर गौतम के नाम पर ही इस आंत विषयोके नाम पर ही उनका नाम गोत्र नाम लिखा गया है। जिसका मतलब होता है यदि एक ही हिन्दू किसिभी जाती के साथ वह तालुक क्यो न रखता हो क्यूकी उसके मूल पूर्वज इन्हे आंठ ऋषि मे से एक उनके ऋषि होते है। ये बात आपको मालूम नहीं होंगी  की इस आंठ ऋषि के नाम पर ही एस गोत्र का नाम पड़ा हुआ है। इस आंठ नाम पर ही एक स्त्री ओर पुरुष की जाती को विवाह करना पड़े तो आपको विवाह करने के पहले आपको इन सभी का आपको गोत्र जन लेना जरूरु होता है। इसलिए दोस्तो कभीभी आपको एक ही गोत्र वाली लड़की या एक गोत्र वाला लड़का वो उनसे आपको विवाह नहीं करना चाहिए। 

2. आलसी स्त्री से विवाह भूलकर भी नहीं करना चाहिए। 

विष्णुपुराण अनुसार एक आलसी स्त्री से आपको विवाह कभी नही करना चाहिए। एसी स्त्री आपका जीवन नष्ट ओर आपको भी आलसीपन की भावना देकर आपका जीवन नष्ट कर देती है। एक आलसी स्त्री जीवनमे कभीभी सफल ओर सक्रिय नहीं होती है। साथ ही दोस्तो एक आलसी स्त्री जीवनमे कभीभी अपना काम ठीक तरह से नहीं करती है ओर किसिभी समय पर अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाती है। एसी स्त्रीया कामसे बचने के लिए बहुत सारे प्रकार के नाटक ओर बचने का उपाय करती है। या फिर एसी स्त्रीया अपना काम दूसरे से करवाती है। मित्रो जो लड़की आलसी होती है उनका घर कभी नहीं फ़्घर साफ नहीं रहता है। यदि आप उससे शादी करते हो तो आपका जीवन भी नष्ट बन सकता है। जिस कारी मे माता लक्ष्मी कभीभी उनके घरमे प्रवेश नहीं करते है। इसलिए उनके घरमे कोई शांति नहीं रह सकती ओर आपको काही सारे प्रकार के कष्ट एवंम यानि की आपको घरमे सदय जगड़ा बन सकता है इस कारण आपको आलसी स्त्री से आपको शादी नहीं करनी चाहिए। इसलिए एसी स्त्री घरमे आने से बल्कि अपने घर का भला कभी नहीं होता है। एसेमे आपको एसी स्त्री से विवाह नहीं करना चाहिए। 

3. कटु शब्द बोलेने वाली स्त्रीसे विवाह न करे। 

मित्रो विष्णुपुराण मे कहा गया है की इस कटु शब्द बोलने वाली स्त्रीसे आपको कभी विवाह नहीं करना चाहिए। चाणक्य ने बताया है की जिस स्त्री की वाणी मीठी होती है उसकी वाणी मे हमेशा माता सरस्वती का सदय वास रहता है। यदि आपको पता है जो मीठी बोलने वाली स्त्री एकदम ही अच्छी ओर सदाय बहुत गुणो से भरपूर होती है। यदि आप उस स्त्री शादी करते है हो तो आप धनी बन जाते है ओर आपको उस स्त्री से लगाव ज्यादा बढ़ जाता है। जो स्त्री मीठी वाणी की होती है उनके घरमे सदय माँ धनलक्ष्मी की  कृपा बरसती है ओर अपना जीवन आनंद माय एवं सुखमय प्राप्त होता है। लेकिन दोस्तो जो स्त्री सदय जूथ ओर कटु वचन बोलती है तो उसके घरमे कभीभी शांति नहीं रहती है ओर सब लोक उसे मारते है ओर उस घरमे सदाय अशांति का वातावरण फ़ेल जाता है। इसके अलावा एसी स्त्री कभीभी बड़ो का सन्मान ओर बड़ो से चिल्लाकर बात करती है इस कारण आपको एसी स्त्री से आपको कभी विवाह नहीं करना चाहिए। जिस घरमे बड़े ओर बुज़र्गों का सन्मान नहीं होता है उस घरमे कभी सुखी ओर अपना घर सुखी ओर कभीभी दूसरे से भागनेमे ही सोचता है ओर दुखमय होकर अपना जीवन बिताती है। इसलिए आपको एसी स्त्री से आपको विवाह नहीं करना चाहिए। इसलिए दोस्तो आपको जितना बने इतना आपको एसी स्त्री से दूर ही रहना ओर एसी स्त्री से आपको कभी विवाह नहीं करना चाहिए। 

4. दुष्ट पुरुष से मित्रता करने वाली स्त्री से आप भूलकर भी विवाह नहीं करना चाहिए। 

दोस्तो संगति आपकी अच्छी या बुरी दोनों का असर व्यक्ति के जीवन पर जरुर पड़ता है। अगर हम गलत लोगो की संगत करते है तो हमारे साथ किसी न किसी समय पर हमारे साथ जरूर गलत होता है। इस कार्न की वजह से विष्णुपुराण मे कहा गया की आप दुष्ट पुरुष आप संबध करते है तो आपके साथ किसी भी सामी बुरा होता है। इसलिए दोस्तो हमे दुष्ट पुरुष व्यक्ति के साथ हमे नहीं रहना चाहिए। यदि महिलाओ दूसरे पुरुष के साथ मित्रता बांधने वाली स्त्री का स्वभाव उस पुरुष जैसा हो जाता है। एसा होने पर उस स्त्री पर उन व्यक्ति जैसा स्वभाव बन जाता है ओर इसके तरह वह क्रिया करने लगती है। इसलिए दोस्तो आपको एसी स्त्री से आपको विवाह नही करना चाहिए। यदि आप इस दुस्त पुरुष से विवाह करते है तो आपके साथ भी बुरा हिता है। इसलिए आपको एसी स्त्री से आपको विवाह नही करना चाहिए। यदि आप करते हो तो आपके जीवनमे आप कभी नहि खुश होंगे ओर आपका जीवनभी नष्ट कर देती है। इसलिए दोस्तो हमे दुष्ट पुरुष से मित्रता करने वाली स्त्री से विवाह नहीं करना चाहिए। 

दोस्तो ये चार बाते जो आपको एसी स्त्री से आप भूलकर भी आपको विवाह नही करना चाहिए। उम्मीद करता हु दोस्तो आपको ये आज का लेख आपको बहुत अच्छा लगा होगा। तो मित्रो नमस्कार हम एसीही एक चाणक्य की नीति आपके समक्ष दो बारा लेकर आएंगे। 

  

 

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